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परिष्करण
परिष्करण संबंधी प्रक्रिया
क्रूड ऑइल में कार्बन और हाइड्रोजन अणु मिश्रित श्रेणियों में समाविष्ट होते हैं. इसके अतिरिक्त क्रूड में गंधक, नाइट्रोजन और धातु जैसे अपद्रव्य भी विद्यमान होते हैं. उनके संयोजन के आधार पर उन्हें पैरापिफनिक, नाफ्तेनिक एरोमेटिक क्रूडों के रूप में वर्गीकृत किया जाता है.
रिफाइनरी प्रक्रियाओं का इस प्रकार वर्गीकरण किया जाता है:
अ. प्रारंभिक प्रक्रिया संबंधी इकाइयां
आ. द्वितीयक प्रक्रिया संबंधी इकाइयां
इ. संसाधन संबंधी इकाइयां
प्रारंभिक प्रक्रिया संबंधी इकाई
किसी भी ऑइल रिफाइनरी में क्रूड यूनिट प्रक्रिया संबंधी प्रथम यूनिट होता है जिसमें क्रूड ऑइल को हाइड्राकार्बन घटकों की सापेक्ष परिवर्तनशीलता के आधार पर विविध उत्पादों के रूप में अलग किया जाता है।
द्वितीयक प्रक्रिया संबंधी इकाई
द्वितीयक प्रक्रिया संबंधी यूनिट क्रूड यूनिट से पोषक माल प्राप्त करते हैं और मूल्य वर्धित उत्पादों के रूप में उसका श्रेणी उन्नयन करते हैं. एमआरपीएल में स्थित मुख्य द्वितीयक प्रक्रिया यूनिट इस प्रकार है:
- हाइड्राक्रैकर यूनिट
- निरंतर उत्प्रेरक रीजनरेशन प्लैरटफार्मिंग यूनिट
- विसब्रेकर यूनिट
- बिटुमेन यूनिट
संसाधन यूनिट
ये प्रक्रियाएं रिफाइनरी से प्राप्त उत्पांदों की मूल्य-वृद्धि करके लाभप्रदायकता को बढ़ाती हैं. संसाधन यूनिट उत्पादों से गंधक नाइट्रोजन और धातु जैसे अपद्रव्यों को निकालने की महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और इसके जरिए उत्पाद संबंधी निर्धारित विनिर्देशों को पूरा करते हैं. एमआरपीएल में स्थित महत्वपूर्ण संसाधन यूनिट हैं:
- एलपीजी / नाफ्ता / केरोसिन मेरोक्स यूनिट
- डीज़ल हाइड्रोट्रीटर यूनिट
- सल्फलर रिकवरी यूनिट





